Monday, April 25, 2011

2nd set of 2011

Issue No: SPCL-2454-H-EC
Language: Hindi
Author: Sanjay Gupta,Tarun Kumar Wahi
Penciler: Studio Image
Inker: Sagar Thapa
Colorist: Sunil
Pages: 48
गुरु को पहुंची चोट का दर्द वही समझ सकता है जिसने अपने गुरु को अपना खुदा माना हो| जिसने गुरु को खुदा माना हो वही उसकी शिक्षा को इबादत समझ कर बंद आँखों से लक्ष्य को बेधना सीख सकता है और ऐसे लक्ष्य बेधक डोगा के गुरु काली को किसी ने गोली मार दी है और कहा यह जा रहा है कि गुरु काली ने आत्महत्या कर ली है| अजब चक्रव्यूह है| वो काली चाचा जो गोलियों कि बारिश में से बिना किसी आड़ लिए बच निकल जाए| आखिर ऐसा कौन सूरमा आ गया जिसने उस धुरंधर को गोली मार दी| इस पर विश्वाश ना करें तो इस पर कैसे विश्वाश करें कि लाखों को आत्मविश्वाश का पाठ पढाने वाला, डोगा जैसे ज्वालामुखी के ईंधन का एक स्त्रोत्र आत्महत्या कर सकता है| असंभव है यह| गूढ़ पहेली है| और इसी पहेली को बूझने में फंसा हुआ है डोगा|

Issue No: SPCL-2439-H-EC
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Jang Bahadur
Inker: Gaurav Shrivastva
Colorist: Mohan Prabhu
Pages: 0
नागद्वीप जहां विसर्पी की बुआ सुरसर्पा की प्रतिशोध की अग्नि ने असंभव कार्य को संभव कर दिखाया था| शांत नाग द्वीप में लड़ा गया था एक ऐतिहासिक महासंग्राम जिसने नागद्वीप की सम्राज्ञी विसर्पी को पराजय का मुंह दिखाया| पञ्च नाग और कालदूत जेसे धुरंधर सेना नायकों को पराजय को स्वाद चखना पड़ा| परिणाम स्वरुप नागद्वीप दो टुकडों मे विभाजित हो गया| अब विसर्पी फिर से अपनी शक्तियां संचित कर रही है और उसका साथ देने के लिए आ गया है नागराज भी| क्या नागराज विसर्पी को उसका खोया हुआ सम्मान और राजसिंहासन वापस दिला पायेगा? क्या सफल हो पाएगी नागराज की रणनीति?

Issue No: SPCL-2455-H-EC
Language: Hindi
Author: Anupam Sinha,Jolly Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: Sagar Thapa, Gaurav Shrivastava
Colorist: Sunil
Pages: 64
महानगर को मिली है मेट्रो गेम्स की मेजबानी लेकिन कोई दुश्मन उन्हें असफल करने को प्रतिज्ञाबद्ध हो गया है और प्रसाशन उसे काबू करने में असफल साबित हो रहा है| देश की इज्जत भी दांव पर है साथ ही देशवासी भी त्रस्त हैं| ऐसे में नागराज ने देश की इज्जत और देशवासियों की समस्याओं की पतवार अपने हाथ मे संभाल ली यह कह कर कि नागराज है ना| इस महा खेल में शामिल हो गए हैं ऐसे अभ्यस्त खिलाड़ी जोकि नागराज जैसे महानायक के भी नाकों चने चबवा

Issue No: SPCL-2456-H-EC
Language: Hindi
Author: Sushant Panda
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist: Sushant Panda
Pages: 64
स्वर्ग में देवराज इंद्र के दरबार में छिड़ गई बहस कि बांकेलाल एक दुष्ट मानव है या एक नेक मानव है| इस बहस का हिस्सा बन गए बेदी जी भी| सभी देवता दो दलों मे विभाजित हो गए जो बेदी जी से पूछने लगे कि उनकी राय में किसे विशालगढ़ का राजा बनना चाहिए| बेदी जी देवताओं के इस विवाद मे बुरी तरह फंस गए| तभी नारद जी ने आ कर सूचना दी कि एक दैवीय योग के कारण अब बांकेलाल का राजा बनना निश्चित हो गया है| तब बेदी जी शिव कि कृपा से चमत्कारी शरीर ले कर जा पहुंचे विशालगढ़ बन कर बांकेलाल के चाचा बनाने के लिए उसे विशालगढ़ का राजा|

Issue No: SPCL-2437-H-EC
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Dildeep
Inker: Sagar Thapa
Colorist: Mohan Prabhu
Pages: 24
मिस्र के पिरामिडों की इच्छाधारी नागिन सोडांगी के पूर्व जन्म और पिरामिडों के रहस्यों की एक अनोखी दास्तान|

Issue No: SPCL-2434-H-EC
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Hemant
Inker: Sagar Thapa
Colorist: Suresh
Pages: 0
नागद्वीप के इतिहास में ऐसा युद्ध कभी नहीं लड़ा गया, जिसकी बिसात बिछ चुकी है| नागकुमारी विसर्पी से नागद्वीप का राज सिंहासन छीनने के लिए इस युद्ध की जड़ उसकी बुआ सुरसर्पा ने बजा दी है रणभेरी| सुरसर्पा की युद्ध पिपासा को भडका रहा है गुरु तान्त्रिश| गुरु तान्त्रिश के आह्वान पर सुरसर्पा के साथ जुड गए हैं विशाला, नागकर्ण, जैसे धुरंधर युद्ध नायक भी और उनकी सेना की दूसरी बड़ी शक्ती हैं सुरसर्पा के सौ बलशाली पुत्र सर्पशोले| हालांकि विसर्पी का साथ दे रहे हैं पञ्च नाग लेकिन गुरु तान्त्रिश की तंत्र शक्तियों के आगे सभी हैं बौने| इस युद्ध में विसर्पी के हिस्से में आणि ही है पराजय|

Issue No: SPCL-2432-H-EC
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Narayan
Inker: Gaurav
Colorist: Mohan Prabhu
Pages: 24
अधूरे प्रेम के श्राप से शापित सोडांगी नागराज के प्रेम मे दीवानी है| इसी दीवानगी में कुछ खतरनाक गुंडों से लड़ती हुई सोडांगी बुरी तरह जख्मी हो जाती है| उसके उपचार के लिए उसे शैतान थोथ के पिरामिड मे ले जाया जाता है| यहाँ उसे मिलता है एक वरदान जिसके फल स्वरुप उसका विवाह नागराज से हो जाता है| लेकिन क्या उसका श्राप उसका पीछा छोड़ चुका है? या यह कोई माया है?

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1st set of 2011

Issue No: SPCL-2450-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi, Sanjay Gupta
Penciler: Hemant
Inker: Amit Kumar
Colorist: Shadab
Pages: 80
महानगर में मचा है इंसानी दिमाग खाने वाले एक शैतान का आतंक| राज खुला है एक ऐसी जाति का जो सदियों से इंसानी मांस खाती आ रही है| इस राज के खुलते ही महानगरवासी उस जाति के लोगों के खून के प्यासे हो गए| भीड़ के हत्थे चढ गए चार नौजवान वैज्ञानिक जोकि दिमाग पर शोध कर रहे थे| नागराज उन्हें बेकाबू भीड़ के हाथों से बचाता है और उन्हें पुलिस को सौंप देता है| लेकिन पुलिस के चुंगुल से उन्हें निकाल लेता है एक रहस्मय साया और तब उन्हें पता चलता है एक खौफनाक रहस्य कि वो चारों पूर्व जनम में योधा थे और उन्होंने जीती थी एक आदमखोर जाति के खिलाफ एक भयानक जंग. लेकिन एक भयानक जंग इस जनम मे भी उनका इन्तजार कर रही है क्योंकि फिर से जीवित हो गया है उस जाति का सबसे भूखा आदमखोर| इस तिलस्मी जंग में उनका साथ देता है नागराज और उनसे टक्कर लेता है आदमखोर|

Issue No: SPCL-2452-H
Language: Hindi
Author: Nitin Mishra
Penciler: Stuti Mishra
Inker: Stuti Mishra
Colorist: Sunil, Jai
Pages: 48
फाइटर टोड्स की निकली 10000 की लाटरी. चारों टोड्स खुशी मे उछलते हुए चार मोबाइल फोन और एक प्लाज्मा टी वी खरीदने के लिए जा पहुंचे चांदनीचौक| चांदनीचौक से चाइनीस माल खरीद कर जब वो टोड्स निवास पहुंचे तो वो सारा माल सस्ता होने के कारण जल्दी ही खराब हो गया| टोड्स लुट चुके थे और टोड्स को कोई लूट ले ये टोड्स को कतई गवारा नहीं. टोड्स लुटेरों की खोज में निकले तो जा पहुंचे लुटेरों के गढ़ चाईना| अब चाइनीस लुटेरों कि खैर नहीं है.


Issue No: SPCL-2448-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist: Sunil
Pages: 48
शिवजी का शाप काटने के लिए निकला बांकेलाल उलटा अपने पीछे एक भूत लगवा बैठा| अब जब उसे करना पड़ेगा सदाचारी वर्त का पालन तभी उसका भला हो सकेगा. बेचारा खोटी बुद्धि वाला बांकेलाल अब मजबूर है वो चाह कर भी किसी का बुरा नहीं कर सकता| लेकिन उस पर सवार भूत उससे करवा रहा है सभी उल्टे-सुल्टे काम और बांकेलाल को करना पड़ रहा है ना चाहते हुए भी सभी का भला|

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Set 8 of 2010


Issue No: SPCL-2446-H
Language: Hindi
Author: Abhisek Sagar
Penciler: Hemant
Inker: Hemant, Moin Khan
Colorist: Sadia
Pages: 48
सुपर कमांडो ध्रुव पर लगा है एक देशद्रोही की मदद करने का आरोप. देश की सैना और राज नगर पुलिस को चाहिए ध्रुव ज़िंदा या मुर्दा. क़ानून का रखवाला ध्रुव आज कानून से बच कर भागता फिर रहा है एक परमाणु धमाके को रोकने के लिए.



Issue No: SPCL-2449-H
Language: Hindi
Author: Anupam Sinha, Jolly Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: Sagar Thapa, Gaurav Shrivastav
Colorist: Sunil
Pages: 80
पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई? इस जिज्ञासा को शांत करने के लिए विज्ञानिकों ने दी ईश्वरीय नियमों को चुन्नोती और बना डाला हैड्रोन कोलाइडर. इस परिक्षण से ब्लैकहोल का निर्माण हो गया है और ब्रह्माण्ड के विभिन्न आयाम एक दूसरे में समाने लगे हैं. हमारे आयाम की धरती पर ब्रह्माण्ड के हर आयाम के नागराज और ध्रुव आ पहुंचे, पृथ्वी वासियों को उनकी गलती की सजा देने के लिए. हमारे आयाम की धरती का ध्रुव खुद समा गया है ब्लैकहोल में और नागराज को घेर लिया है अन्य आयामों के नागराजों ने. क्या ब्लैकहोल मे समाती धरती को बचा पायेगा नागराज? क्या ब्लैकहोल से वापस आ पायेगा ध्रुव? ब्रह्माण्ड की सबसे ताकतवर शक्ति से टकराए हैं इस बार नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव.



Issue No: SPCL-2453-H
Language: Hindi
Author: Nitin Mishra
Penciler: Hemant
Inker: Gaurav
Colorist: Sunil
Pages: 48
देश को खेल राष्ट्र बनाने की आड़ में कुछ लोग खेलते हैं देशवासियों के खून पसीने कि कमाई को हड़पने का एक घृणित खेल. राष्ट्र मंडल खेलों में हुआ है करोड़ों का घोटाला और उसे छुपाने के लिए वो किसी हद तक भी गिर सकते हैं. यहाँ तक कि उन्होंने रच दिया है हजारों निर्दोषों की जान लेने का षड्यंत्र भी. देश के सच्चे सपूतों ध्रुव, तिरंगा, परमाणु और वक्र को इस षड्यंत्र की भनक लगती है. चारों रक्षक अब एकजुट हो गए हैं दुश्मनों का मुह काला करने के लिए और राष्ट्र मंडल खेलों को बनाने के लिए कामयाब.



Issue No: SPCL-2447-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi, Sanjay Gupta
Penciler: Image Studio
Inker: Sagar Thapa
Colorist: Sunil
Pages: 48
डोगा जैसे लक्ष्यबेधी से टक्कर ली है कुछ ऐसे अचूक निशानेबाजों ने जो उड़ती चिड़िया की आँख तक को बेध सकते हैं. यहाँ तक कि उनमें से किसी एक ने डोगा के निशानेबाजी के गुरु काली मिर्च चाचा की खोपड़ी में भी गोली दाग दी है.

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Friday, April 22, 2011

set 7 2010


Issue No: SPCL-2451-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi, Sanjay Gupta
Penciler: Hemant
Inker: Gaurav
Colorist: Sunil
Pages: 48
एक चेहरा जिस पर मुंबई वासी अन्धविश्वाश करते हैं. वही चेहरा मुंबई वासियों का बन जाता है दुश्मन. किसका है वो विश्वाशघाती चेहरा?



Issue No: SPCL-2431-H
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Narayan, Jang Bahadur
Inker: Narayan, Sagar Thapa
Colorist: Suresh, Sunil
Pages: 48
नाराज विसर्पी के नजदीक जाने के लिए नागराज डाकू कोबराक का छदम वेश धरता है.विसर्पी उसका यह भेद जान जाती है और नागराज को कोबराक के वेश में मन ही मन स्वीकार कर लेती है. दोनों ही एक दूसरे लुका छिपी का खेल खेलने लग जाते हैं. लेकिन यही खेल एक भयानक मोड़ ले लेता है तब जब एक शैतान कोबराक का वेश धर कर पहुंचता है विसर्पी के पास. इस खेल का रोमांच तब अपने चरम पर पहुँचता है जब कोबराक की मौत से पागल हुई नाग मानवी विसर्पी अपने नाग की मौत का बदला लेने के लिए ढूंढने निकलती है उसके हत्यारे नागराज को. अब मौत की तराजू के एक पलड़े में है विसर्पी की जिंदगी और दूसरे पलड़े मैं है नागराज की जिंदगी. इसी मृत्यु जंग पर आधारित है 20 -20 पेज की यह संयुक्त कॉमिक्स कोबराक और पागल नागिन.




Issue No: SPCL-2442-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist: Shadab
Pages: 48
इस बार बांकेलाल को मिल जाता है एक खजाना. लेकिन उसकी फूटी किस्मत खजाने की यह खूबी है की जिसे मिले उसकी बुधि हर ले. बांकेलाल से खूब तमाशा कराता है यह बुध्ही हारी खजाना.




Issue No: SPCL-2445-H
Language: Hindi
Author: Anupam Sinha, Jolly Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: Vineet Sidhartha, Sagar Thapa
Colorist: Shadab, Sunil
Pages: 80
समुद्र का सीना फाड़कर बाहर निकले हैं एक पुरानी नगरी के अवशेष और दुनिया पर टूट पड़ती हैं अनोखी मुसीबतें. नागराज और ध्रुव जब इस समस्या के समाधान के लिए इन अवशेषों पर जाते हैं तब घटता है कुछ ऐसा भयानक कि एक नागराज के सामने होते हैं कई नागराज और एक ध्रुव के सामने होते हैं कई ध्रुव और सभी मिल कर बन गए हैं नागराज, ध्रुव और पृथ्वी के अस्तित्व के लिए चुन्नोती.


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Set 6 of 2010

Released in Septmber 2010



Issue No: SPCL-2443-H
Language: Hindi
Author: Sushant Panda
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Pages: 48

बांकेलाल जा पहुंचा जंगल में आम खाने के लिए. जहाँ उसे मिली एक चुड़ैल जिसे करनी थी किसी ताकतवर राजा से शादी क्योंकि उसका पूर्वपति उसके होने वाले पति की हत्या कर देता था और उसे सुहागिन होने का सुख प्राप्त नहीं होने देना चाहता था. बांकेलाल राजा विक्रमसिंह को चुड़ैल से भिडवा देता हे और करवा देता हे उन दोनों का विवाह. अब चुड़ैल का पूर्वपति भयानक राक्षस विक्रमसिंह की हत्या करने पहुँच गया हे. देखते हें की इस बार यह विवाह विक्रमसिंह के लिए शुभ होता हे या बांकेलाल के लिए.




Issue No: SPCL-2441-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi, Sanjay Gupta
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist: Sunil
Pages: 48

यह कथा शुरू होती हे सन 7009 के कोबी से जिसे प्रकर्ति की चमत्कारी शक्तियां प्राप्त थीं. किन्तु उससे खुद प्रकर्ति द्वारा वो शक्तियां छीन ली जाती हें. कोबी से अनजाने में जीवित हो उठा हे एक युगों पुराना शाप. पूरी पृथ्वी नष्ट होने की कगार पर हे. अब वन रक्षक कोबी को उस शाप की काट की तलाश हे. जिसके लिए उसे पृथ्वी के विनाश से पहले अपना युगों पुराना इतिहास जानना हे. उसका संघर्ष शाप से हे और एक गहरे षड्यंत्र से हे. दोनों ही उसके प्राणों के प्यासे हें. अपने पूर्वजों का पीड़ादायक इतिहास जानते हुए वो ये समझ चुका हे की आत्मशुद्धि के लिए उसे देनी ही होगी आहुति.





Issue No: SPCL-2430-H
Language: Hindi
Author: Anupam Sinha, Jolly Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: Vineet Sidhartha, Sagar Thapa
Colorist: Shadab, Sunil
Pages: 80

राजनगर के समुद्र से बाहर निकलते हें एक पुरानी नगरी के अवशेष. इन अवशेषों में घटने लगती हें रहस्मयी घटनाएँ जिसका असर पड़ रहा हे राजनगर और महानगर के निवासियों की जिंदगी पर. नागराज और ध्रुव महानगर और राजनगर को बचाने के लिए पहुँच जाते हें उन अवशेषों पर जो पूरी दुनिया को बनाने पर तुले हें अवशेष.





Issue No: SPCL-2435-H
Language: Hindi
Author: Nitin Mishra
Penciler: Hemant
Inker: Sagar Thapa, Lakshmin
Colorist: Sunil
Pages: 48


8 :36 में इस बार हम आपको दे रहे हें डोगा की २० -२० पेजिस की दो कॉमिक्स 8 :36 और मातरभूमि. 8 :36 : 26 -11 -2008 की आतंकवादी घटना के बाद 26 -11 -2009 को भी आतंकवादियों ने मुंबई में एक और आतंकवादी घटना को अंजाम देने की साजिश रची. इस बार निशाने पर था पूरा हिन्दुस्तान. लेकिन मुंबई का रक्षक डोगा चौक्कन्ना था. डोगा के हाथ लगा एक आतंकवादी जिसने डोगा को अपनी योजना बताने से पहले ही जहर खा कर आत्महत्या कर ली. अब डोगा के पास हें उसके कहे कुछ शब्द और उसका password protcted laptop . डोगा को मुंबई और हिंदुस्तान को बचाने के लिए मिले हें कुछ ही घंटे. मातरभूमि : अलगाववाद की आग में झुलस पड़ा हे मुंबई. मुंबई मराठी मानुस का हे या हे उत्तरभारतीयो को जो वहां रोजी रोटी कमाने के लिए आते हें. भूमि और भावनाओ की इस लडाई में कूद पड़ा हे डोगा भी.






ssue No: SPCL-2433-H
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Dildeep
Inker: Gaurav
Colorist: Mohan Prabhu
Pages: 48


महात्मा कालदूत एक रहसयमयी इच्छाधारी नागमानव. विषया, परमविषया और महाविषया तीन महानागो को संगठित रूप. केसे निर्मित हुई यह महासंधि? क्या-क्या संघर्ष करने पड़े महात्मा कालदूत को अपने जीवनकाल में इसी पर आधारित हें २०-२० पेजिस की ये संयुक्त कॉमिक्स परमविषया और कालसर्प.

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Set 5 of 2010

Released in June 2010



Issue No: SPCL-2424-H
Language: Hindi
Author: Nitin Mishra
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda

बांकेलाल के पीछे पड़ा हे पूरा विशालगढ क्योंकि बांकेलाल के कंधे पर लदा हुआ हे एक गधा. वो गधा देता हे सोने की लीद. दोनों के बीच छिड़ी हुई हे एक प्रतियोगिता की कोन ज्यादा बुद्धिमान हे. बांकेलाल या गधा?





Issue No: SPCL-2423-H
Language: Hindi
Author: Sanjay Gupta/Tarun Kumar Wahi
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist: Sunil

यूँ तो वो सदा से एक रक्षक ही था. रक्षा ही करता आ रहा था लेकिन उसे भी नहीं पता था की एक शाप उसका पीछा कर रहा हे. एक गलती हुई और वो बन गया शापित रक्षक. लेकिन रक्षा धरम का पालन करने के लिए वो उस भयानक शाप से भी जूझ गया.




Issue No: SPCL-2422-H
Language: Hindi
Author: Abhishek Sagar
Penciler: Sidharth Panwar
Inker: Sanjeev
Colorist: Mohan Prabhu

हाँ. मैं हूँ Genius. पर मेरी अति बुद्धि ही मेरी दुश्मन बन गयी. मैं एक छोटा सा बच्चा था. अपनी माँ और पढाई बस इसी में खुश था. मेरी तार्किक बुद्धि, मेरी प्रतिभा ने मुझे Genius का खिताब दिला दिया. सभी ने मुझे Genius..Genius कह कर सिर पर चढ़ा लिया. मगर मेरा Genius होना ही मेरे लिए अभिशाप बन गया. इस Genius शब्द ने कभी मुझे दोस्त नहीं दिए. या तो प्रशंसक मिले जिनके लिए मैं किसी अजूबे से कम नहीं था. या फिर जलने वाले मिले. मेरा बचपन मुझसे छिन गया और आज देश की पुलीस और मिलिट्री मेरा पीछा कर रही हे क्योंकि वो कहते हें की मैं एक आतंकवादी हूँ. यहाँ तक की सुपर कमांडो ध्रुव भी मुझे जेल की सलाखों के पीछे भेजने का जज्बा लिए मुझे ढूंढ़ रहा हे. पर मैं साबित करके रहूँगा की मैं हूँ ध्रुव से भी बड़ा Genius.




Issue No: SPCL-2425-H
Language: Hindi
Author: Sanjay Gupta/Tarun Kumar Wahi
Penciler: Hemant
Inker: Jagdeesh
Colorist: Shadab/Sunil

देवराज इन्द्र ने बनाया था उसे उत्परिवर्ती यानि की Mutant. उसकी दहशत से कांप उठी थी धरती. तब देवराज इन्द्र की वज्र शक्ति ने उसे मृत्यु दी. लेकिन उसकी शक्तियां फिर जाग उठीं. कुछ लोगों को मिल गयी हें वो अतिशाक्तियाँ. जिन्हें वो वरदान मान बेठे, लेकिन वो अतिशाक्तियाँ बनने जा रही हें अभिशाप. जो समझ बेठे थे खुद को शक्तिमान अब साबित हो रहे हें अभिशप्त. क्या अतिशाक्तियाँ वरदान हें या हें अभिशाप? क्या नागराज डोगा और भेड़िया भी हें अभिशप्त? इस सवाल पर दुनिया उनके विरुद्ध होने जा रही हे क्योंकि अब हर पृथ्वीवासी बन रहा हे Mutant यानी उत्परिवर्ती यानी अभिशप्त.

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Wednesday, May 26, 2010

Set 4 of 2010

Released on 20 may 2010

Files are in CBR format because pdf files were not in good quality...use software given in the post "readers to read comics" to read cbr files...

Issue No: SPCL-2429-H
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Narayan
Inker: Narayan
Colorist: Shadaab
Pages: 24
नागद्वीप की रक्षा का भार है युवराज्ञी विसर्पी के कन्धों पर. नागद्वीप पर कब्जा करने के लिए उसकी दुश्मन बनी है उसकी अपनी बुआ सुरसर्पा. इस महायुद्ध में विसर्पी का साथ देने आये हैं पंचनाग. लेकिन पलड़ा अभी सुरसर्पा का भारी है. तांत्रिक शक्तियां निर्मम और हिंसक हैं.


Issue No: SPCL-2428-H
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Narayan
Inker: Narayan
Colorist: Basant Panda
Pages: 24
महात्मा कालदूत के तीन रूपों में से एक विषया. भविष्य का कालकूट विषधारक इच्छाधारी मान्त्रिक सर्प. भविष्य के एक ऐसे रक्षक की कहानी जो अपने कर्तव्य को भावनाओं से ऊपर रखता है. नागलोक को संकट से बचाने के लिए अपने प्रेम का त्याग कर दिया उसने. इसी कारण उसका प्रेम उसके लिए विष बन गया. किन्तु इस रक्षक को कोई प्रलय भी नहीं रोक सकती. अपनी ही प्रेमिका की खिंची हुई प्रत्यंचा को भी ललकार कर चल दिया हे विषया.


Issue No: SPCL-2427-H
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist: Basant Panda
Pages: 24
जन्म जन्मान्तर से नागराज के प्रेम की दीवानी सोडांगी करने जा रही है फैरो से विवाह. इस विवाह का सबसे बड़ा दुश्मन बना है नागराज. नागराज के प्रतिरोध करने पर सोडांगी ने महासर्प एपोफिस को जगा दिया है नागराज को देने के लिया मृत्युदंड.
Issue No: SPCL-2426-H
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Narayan
Inker: Narayan
Colorist: Sunil
Pages: 24
नाग वीरांगना विसर्पी की एक और अग्निपरीक्षा बन कर आया एक ऐसा योधा जिसने अमर होने के लिए जो चाल चली वही उसकी मृत्यु का कारण बनी
Issue No: SPCL-2421-H
Language: Hindi
Author: Nitin Mishra
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist:
Pages: 48
बांकेलाल की माशा अल्लाह योजनाओं की टांग तो हर बार टूटती ही है और इस बार नीम चढ़े करेले की तरह बांकेलाल की पीठ पर सवार हो गया है एक बदमाश गधा. इस शरारती गधे ने बांकेलाल के पसीने छुडवा दिए. दुनिया को मुसीबत में डालने के लिए पैदा हुआ बांकेलाल आज खुद फंस गया है एक मुसीबत में.


Issue No: SPCL-2420-H
Language: Hindi
Author: Vivek Mohan
Penciler: Studio Image
Inker: Sagar Thapa
Colorist: Sunil
Pages: 48
सनकी हत्यारे युवा द्वारा की जा रही वृद्ध नागरिकों की निरंतर हत्याओं को रोक पाने में असमर्थ डोगा भी घोर निराशाओं में डूब चूका है. इस बार युवा ने निशाना बनाया है अदरक चाचा के एक और दोस्त वेंकट को. क्या डोगा वेंकट को बचा पायेगा या युवा इस बार भी कामयाब हो जायेगा?

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Issue No: SPCL-2419-H
Language: Hindi
Author: Anupam Sinha, Jolly Sinha
Penciler: Anupam Sinha
Inker: Vineet Sidharth
Colorist: Sunil, Shadaab
Pages: 64
पांच चमत्कारी बोनो के आतंक में जकड़ा हुआ है राजनगर. नताशा भी उनकी गुलाम बन कर अपने ही पिता ग्रेंड मास्टर रोबो की जान की दुश्मन बन गयी है. उन्हें रोकने के लिए पहुंचा सुपर कमांडो ध्रुव भी बना दिया गया है statue . क्या ध्रुव कर पायेगा इनका game over ?

Issue No: SPCL-2415-H
Language: Hindi
Author: Sanjay Gupta/Tarun Kumar Wahi
Penciler: Hemant
Inker: Gaurav
Colorist: Shadaab
Pages: 48
Shikata ga nai यानि कुछ नहीं किया जा सकता. द्वित्य विश्व युद्ध के पश्चात allied forces के जापान पर कब्जे के बाद हर जापान वासी यही निराशावादी वचन बोलने लगा था. इसका मुहतोड़ जवाब देने के लिए जापान के धार्मिक संगठन ॐ के गुरु कोशिमासा ने बनाये विध्वंसक हथियार. अमेरिका पर हो गया हमला शुरू. क्या इस बार ख़तम होगा अमेरिका या फिर होगा तीसरा विश्वयुद्ध? क्या नागराज शान्तिप्रिये जापान को एक आतंकवादी देश बनने से रोक पायेगा?