| Issue No: SPCL-2451-H |
| Language: Hindi |
| Author: Tarun Kumar Wahi, Sanjay Gupta |
| Penciler: Hemant |
| Inker: Gaurav |
| Colorist: Sunil |
| Pages: 48 |
| एक चेहरा जिस पर मुंबई वासी अन्धविश्वाश करते हैं. वही चेहरा मुंबई वासियों का बन जाता है दुश्मन. किसका है वो विश्वाशघाती चेहरा? |

| Issue No: SPCL-2431-H |
| Language: Hindi |
| Author: Vivek Mohan |
| Penciler: Narayan, Jang Bahadur |
| Inker: Narayan, Sagar Thapa |
| Colorist: Suresh, Sunil |
| Pages: 48 |
| नाराज विसर्पी के नजदीक जाने के लिए नागराज डाकू कोबराक का छदम वेश धरता है.विसर्पी उसका यह भेद जान जाती है और नागराज को कोबराक के वेश में मन ही मन स्वीकार कर लेती है. दोनों ही एक दूसरे लुका छिपी का खेल खेलने लग जाते हैं. लेकिन यही खेल एक भयानक मोड़ ले लेता है तब जब एक शैतान कोबराक का वेश धर कर पहुंचता है विसर्पी के पास. इस खेल का रोमांच तब अपने चरम पर पहुँचता है जब कोबराक की मौत से पागल हुई नाग मानवी विसर्पी अपने नाग की मौत का बदला लेने के लिए ढूंढने निकलती है उसके हत्यारे नागराज को. अब मौत की तराजू के एक पलड़े में है विसर्पी की जिंदगी और दूसरे पलड़े मैं है नागराज की जिंदगी. इसी मृत्यु जंग पर आधारित है 20 -20 पेज की यह संयुक्त कॉमिक्स कोबराक और पागल नागिन. |

| Issue No: SPCL-2442-H |
| Language: Hindi |
| Author: Tarun Kumar Wahi |
| Penciler: Sushant Panda |
| Inker: Sushant Panda |
| Colorist: Shadab |
| Pages: 48 |
| इस बार बांकेलाल को मिल जाता है एक खजाना. लेकिन उसकी फूटी किस्मत खजाने की यह खूबी है की जिसे मिले उसकी बुधि हर ले. बांकेलाल से खूब तमाशा कराता है यह बुध्ही हारी खजाना. |

| Issue No: SPCL-2445-H |
| Language: Hindi |
| Author: Anupam Sinha, Jolly Sinha |
| Penciler: Anupam Sinha |
| Inker: Vineet Sidhartha, Sagar Thapa |
| Colorist: Shadab, Sunil |
| Pages: 80 |
| समुद्र का सीना फाड़कर बाहर निकले हैं एक पुरानी नगरी के अवशेष और दुनिया पर टूट पड़ती हैं अनोखी मुसीबतें. नागराज और ध्रुव जब इस समस्या के समाधान के लिए इन अवशेषों पर जाते हैं तब घटता है कुछ ऐसा भयानक कि एक नागराज के सामने होते हैं कई नागराज और एक ध्रुव के सामने होते हैं कई ध्रुव और सभी मिल कर बन गए हैं नागराज, ध्रुव और पृथ्वी के अस्तित्व के लिए चुन्नोती. |
Download(mediafire)
https://www.rapidshare.com/files/458663322/Cobarak.pdf
https://www.rapidshare.com/files/458663802/Chunauti.pdf
https://www.rapidshare.com/files/458663314/Chehra.pdf
https://www.rapidshare.com/files/458663316/Budhihari_Khajana.pdf
https://www.rapidshare.com/files/458663802/Chunauti.pdf
https://www.rapidshare.com/files/458663314/Chehra.pdf
https://www.rapidshare.com/files/458663316/Budhihari_Khajana.pdf

0 comments:
Post a Comment