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Apr 25, 2011

set 1 of 2011


Issue No: SPCL-2450-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi, Sanjay Gupta
Penciler: Hemant
Inker: Amit Kumar
Colorist: Shadab
Pages: 80
महानगर में मचा है इंसानी दिमाग खाने वाले एक शैतान का आतंक| राज खुला है एक ऐसी जाति का जो सदियों से इंसानी मांस खाती आ रही है| इस राज के खुलते ही महानगरवासी उस जाति के लोगों के खून के प्यासे हो गए| भीड़ के हत्थे चढ गए चार नौजवान वैज्ञानिक जोकि दिमाग पर शोध कर रहे थे| नागराज उन्हें बेकाबू भीड़ के हाथों से बचाता है और उन्हें पुलिस को सौंप देता है| लेकिन पुलिस के चुंगुल से उन्हें निकाल लेता है एक रहस्मय साया और तब उन्हें पता चलता है एक खौफनाक रहस्य कि वो चारों पूर्व जनम में योधा थे और उन्होंने जीती थी एक आदमखोर जाति के खिलाफ एक भयानक जंग. लेकिन एक भयानक जंग इस जनम मे भी उनका इन्तजार कर रही है क्योंकि फिर से जीवित हो गया है उस जाति का सबसे भूखा आदमखोर| इस तिलस्मी जंग में उनका साथ देता है नागराज और उनसे टक्कर लेता है आदमखोर|


Issue No: SPCL-2452-H
Language: Hindi
Author: Nitin Mishra
Penciler: Stuti Mishra
Inker: Stuti Mishra
Colorist: Sunil, Jai
Pages: 48
फाइटर टोड्स की निकली 10000 की लाटरी. चारों टोड्स खुशी मे उछलते हुए चार मोबाइल फोन और एक प्लाज्मा टी वी खरीदने के लिए जा पहुंचे चांदनीचौक| चांदनीचौक से चाइनीस माल खरीद कर जब वो टोड्स निवास पहुंचे तो वो सारा माल सस्ता होने के कारण जल्दी ही खराब हो गया| टोड्स लुट चुके थे और टोड्स को कोई लूट ले ये टोड्स को कतई गवारा नहीं. टोड्स लुटेरों की खोज में निकले तो जा पहुंचे लुटेरों के गढ़ चाईना| अब चाइनीस लुटेरों कि खैर नहीं है.


Issue No: SPCL-2448-H
Language: Hindi
Author: Tarun Kumar Wahi
Penciler: Sushant Panda
Inker: Sushant Panda
Colorist: Sunil
Pages: 48
शिवजी का शाप काटने के लिए निकला बांकेलाल उलटा अपने पीछे एक भूत लगवा बैठा| अब जब उसे करना पड़ेगा सदाचारी वर्त का पालन तभी उसका भला हो सकेगा. बेचारा खोटी बुद्धि वाला बांकेलाल अब मजबूर है वो चाह कर भी किसी का बुरा नहीं कर सकता| लेकिन उस पर सवार भूत उससे करवा रहा है सभी उल्टे-सुल्टे काम और बांकेलाल को करना पड़ रहा है ना चाहते हुए भी सभी का भला|

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